कन्यादान गीत: झल झल झलकेला
- स्वर: चेतना सिंह
- गीतकार: अज्ञात
- रिकॉर्ड लेबल: आपन गीत
लिरिक्स
झल झल झलकेला,
अवध हो सिंहोरवा।
झल झल झलकेला,
अवध हो सिंहोरवा।
झलकेला मड़वा हो मंजूर – 2
झल झल झलकेली,
बेटी हो सिया जानकी हो बेटी !
झल झल झलकेली,
बेटी हो सिया जानकी हो बेटी !
बइठल बाड़ू पापाजी के हो जांघ – 2
तनिये सा बेनिया डोलाव,
हो रामचंदर हो दूल्हा !
इहां होला गरमी हो बहुत – 2
कइसे में हो बेनिया डोलाई,
हो सिया जानकी हो सुबवा !
कइसे में हो बेनिया डोलाई,
हो सिया जानकी हो सुबवा !
बइठल बाड़ू पापाजी का हो जांघ।
बइठल बाड़ू चाचाजी का हो जांघ।।
अतना वचन जब सुनेलें,
दुलरुवा हो भइया !
हाँके लगलें अपनी हो रूमाल – 2
चल चल सुबवा हो हमरा हो नगरिया,
चल चल सुबवा हो अवध हो नगरिया,
ओहे देब बेनिया हो डोलाए – 2
