देवी गीत: रोयेली जगदम्बा हो मइया
- स्वर: चेतना सिंह
- गीतकार: अज्ञात
- रिकॉर्ड लेबल: आपन गीत
लिरिक्रस
रोयेली जगदम्बा हो मइया,
रोयेली जगदम्बा हो मइया,
लट धुनली केशिया हो।
अरे ! सातों बहिनिया हो जमनीं,
रोयेली शीतला हो मइया,
लट धुनली केशिया हो।
अरे ! सातों बहिनिया हो जमनीं,
एगो भैरो भइया हो।
अरे ! सातों बहिनिया हो जमनीं,
एगो भैरो भइया हो।
अरे ! केकरा केकरा संघवा हो जइहें,
पनिया पियइहें हो।
अरे ! केकरा केकरा संघवा हो जइहें,
पनिया पियइहें हो।
अरे ! हँसेलें भैरो हो भइया,
मुखे खालें पान हो।
अरे ! हम तोहरा संघवा हो चलब,
पनिया पियइब हो।
अरे ! हम तोहरा संघवा हो चलब,
पनिया पियइब हो।
अरे ! हम तोहरा संघवा हो चलब,
पारा पारी सगरो हो जइब,
पनिया पियइब हो।
अरे ! पारा पारी सगरो हो जइब,
पनिया पियइब हो।
अरे ! रोयेली लवंगिया मइया,
लट धुनली केशिया हो।
अरे ! सातों बहिनिया हो जमनीं,
रोयेली कोदइया मइया,
लट धुनली केशिया हो।
अरे ! सातों बहिनिया हो जमनीं,
एगो भैरो भइया हो।
अरे ! सातों बहिनिया हो जमनीं,
एगो भैरो भइया हो।
अरे ! केकरा केकरा संघवा हो जइहें,
पनिया पियइहें हो।
अरे ! केकरा केकरा संघवा हो जइहें,
पनिया पियइहें हो।
अरे ! हँसेलें भैरो हो भइया,
मुखे खालें पान हो।
अरे ! पारा पारी सगरो हो जइब,
पनिया पियइब हो।
अरे ! पारा पारी सगरो हो जइब,
पनिया पियइब हो।
अरे ! हम तोहरा संघवा हो चलब,
पनिया पियइब हो।
अरे ! हम तोहरा संघवा हो चलब..
