शनिवार, अप्रैल 25, 2026

मड़वा के बांस धइले

बेटी के सहाना: मड़वा के बांस धइले

  • स्वर: चेतना सिंह
  • गीतकार: अज्ञात
  • रिकॉर्ड लेबल: आपन गीत

लिरिक्रस

मड़वा के बाँस धइले रोवेलें कवन पापा,
मड़वा के बाँस धइले रोवेलें कवन चाचा।
काहे पापा रोइलें आछो धार हे !
पापा जी रोइलें आछो धार हे ।।
पापा के चरणीया धइले बेटी जे रोवेली ।
पापा के चरणीया धइले बेटी जे रोवेली ।।
काहे पापा रोयिले आछो धार हे ।
काहे पापा रोयिले आछो धार हे ।।
छोटहीं से ऐ बेटी तोहरा के पोषनी।
छोटहीं से ऐ बेटी तोहरा के पोषनी।।
अब बेटी भईलू सेयान हे !
अब बेटी भईलू सेयान हे !
के ये तोहरो ऐ बेटी हथवा पकड़ी  हे।
के ये तोहरो ऐ बेटी हथवा पकड़ी  हे।।
केइये करिहे पतिरपाल हे ।
केइये करिहे पतिरपाल हे ।।
चौका बईठल दूल्हा मने मुस्कइलें।
चौका बईठल दूल्हा मने मुस्कइलें।।
काहे ससुर जी रोयिले आछो धार हे ।
काहे ससुर जी रोयिले आछो धार हे ।।
हमहीं त ए ससुर जी हथवा पकड़ब ।
हमहीं त ए ससुर जी हथवा पकड़ब ।।
हमहीं करब पतिरपाल हे !
हमहीं करब पतिरपाल हे !
जन रोई रउरा आछो धार हे !
जन रोई रउरा आछो धार हे !
जन रोई रउरा आछो धार हे !

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