छठ गीत: जइह ना बाजार सइयाँ
- स्वर: चेतना सिंह
- गीतकार: अज्ञात
- रिकॉर्ड लेबल: आपन गीत
लिरिक्रस
जइह ना बाजार सइयाँ,
केरवा ले अइह,
अरे ! केरवा ले अइह।
भूखल बानी ना,
हम भूखल बानी ना।
हम त छठी के वरतिया भूखल बानी ना -2
जइह ना बाजार सइयाँ,
दउरा ले अइह,
अरे ! दउरा ले अइह।
हम घाटे जाइब ना,
हम त घाटे जाइब ना,
हम त घाटे जाइब ना।
जइह ना बाजार सइयाँ,
सूपवा ले अइह,
अरे ! सूपवा ले अइह।
अरग देब ना,
हम अरग देब ना।
हम भूखल बानी ना,
हम त छठी के वरतिया भूखल बानी ना।
तीन दिन से भूखल बानी,
होत बा ना खड़ा,
अब त होत बा ना खड़ा।
हम भूखल बानी ना,
हम त छठी के वरतिया भूखल बानी ना।
जइह ना बाजार सइयाँ,
उंखिया ले अइह,
अरे ! उंखिया ले अइह।
कोशिया भरब ना,
हम कोशिया भरब ना।
हम भूखल बानी ना,
हम त छठी के वरतिया भूखल बानी ना।
जइह ना बाजार सइयाँ,
बाजना बनहिय बाजना बजहिय,
भूखल बानी ना,
हम भूखल बानी ना।
हम त छठी के वरतिया भूखल बानी ना -2
जइह ना बाजार सइयाँ,
फलवा ले अइह,
अरे ! फलवा ले अइह।
भूखल बानी ना,
हम त छठी के वरतिया भूखल बानी ना -2
