रविवार, मार्च 8, 2026

जनती जे मइया अइहें हो

देवी गीत: जनती जे मइया अइहें हो

  • स्वर: चेतना सिंह
  • गीतकार: अज्ञात
  • रिकॉर्ड लेबल: आपन गीत

लिरिक्रस

हम मोहि जनतीं जे मइया अइहें हो,
आहे मइया अइहें हो,
मइया हो !
अँचरा से डगर बहरतीं,
शीतला मइया के आसन अइहें हो।
ए मइया हो !
अँचरा से डगर बहरतीं,
जगदम्बा मइया के आसन अइहें हो।
हम मोहि जनतीं जे मइया अइहें हो,
आहे मइया अइहें हो,
ए मइया हो !
गोबर से अँगना लिपवइतीं,
फूलमती मइया के आसन अइहें हो।
ए मइया हो !
गोबर से अँगना लिपवइतीं,
फूलमती मइया के आसन अइहें हो।
हम मोहि जनतीं जे मइया अइहें हो,
आहे मइया अइहें हो,
ए मइया हो !
मलिया से फूलवा मँगवइतीं,
कोदइया मइया के आसन अइहें हो।
ए मइया हो !
मलिया से मालावा मँगवइतीं,
कोदइया मइया के आसन अइहें हो।
हम मोहि जनतीं जे मइया अइहें हो,
आहे मइया अइहें हो,
ए मइया हो !
पियर सेन्दुरा मँगइतीं,
शीतला मइया के आसन अइहें हो।
ए मइया हो !
बाजार से सेन्दुरा मँगइतीं,
शीतला मइया के आसन अइहें हो।
हम मोहि जनतीं जे मइया अइहें हो,
आहे मइया अइहें हो,
ए मइया हो !
लाली रे चुनरिया मँगइतीं,
शीतला मइया के आसन अइहें हो।
ए मइया हो !
लाली रे चुनरिया मँगइतीं,
सातों रे बहिना के आसन अइहें हो।
ए मइया हो !
लाली रे चुनरिया मँगइतीं,
सातों रे बहिना के आसन अइहें हो।
ए मइया हो !
लाली रे चुनरिया मँगइतीं,
सातों रे बहिना के आसन अइहें हो।
हम मोहि जनतीं जे मइया अइहें हो,
आहे मइया अइहें हो,
ए मइया हो !
अड़हुल फूलवा रखतीं मंगाई,
शीतला मइया के आसन अइहें हो।
ए मइया हो !
अड़हुल फूलवा रखतीं मंगाई,
सातों रे बहिना के आसन अइहें हो।

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